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ध्वनि की भाषा

March 27, 2017 drhcpathak 0

यूं तो दृश्य विधाओं में नेपथ्य संगीत का प्रयोग नौटंकी के जमाने से जारी है। इससे प्रस्तुति का प्रभाव ही नहीं बढ़ता, दर्षक की एकाग्रता […]

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आलाप

March 20, 2017 drhcpathak 0

धारावाहिकों में सामान्यतः प्रसंग की आवश्यकता के अनुसार भावप्रधान दृश्यों की पृष्ठभूमि में शास्त्रीय राग रागिनियों के मधुर आलाप कभी पुरुष स्वर में, कभी नारी […]

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भावधारा :

March 13, 2017 drhcpathak 0

आंखें सीरियल देख रही हैं और दृश्य के पात्रों के चेहरों पर तरह तरह के भाव उमड़ रहे हैं। कानों के लिए उनके बीच में […]

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नकल :

March 6, 2017 drhcpathak 0

नए नारी प्रधान सीरियलों में गांव की कहानियों के साथ वहां की भाषा और संस्कृति भी शामिल हो रही है। इसलिए उनमें मांगलिक या अन्य […]

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मनोरंजन

February 16, 2017 drhcpathak 0

जो गाना एक सीरियल में ‘रिक्रिएट’ हो चुका है, वह दूसरे सीरियल में भी इस्तेमाल हो सकता है ? फिल्म ‘सिह इज किंग’ का गाना […]

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लोकभाषा :

February 3, 2017 drhcpathak 0

पूर्वी हिंदी की अवधी ‘प्रतिज्ञा’ के पात्रों के संवादों में बड़ी खूबसूरती के साथ व्यंजित होती है; जैसे – नायक : ‘कौनौ तकलीफ है का […]

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विविधता :

February 1, 2017 drhcpathak 0

ऐसा भी नहीं है कि संपर्क भाषा होने के कारण हिंदी ने अन्य भाषाओं को ही प्रभावित किया हो; शिक्षा का माध्यम होने के कारण […]

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लहज़ा

January 30, 2017 drhcpathak 0

इमेजिन के धारावाहिक ‘बंदिनी’ के पात्रों में धर्मराज महियावंशी की भाषा में ठेठ गुजराती का असर दिखाई देता है। इसी चैनल के देवी, जमुनिया, काशी […]

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शैली

January 27, 2017 drhcpathak 0

खड़ीबोली के जो संज्ञा, विशेषण व कियापद आकारांत उच्चरित होते हैं, वे ब्रज, कन्नौजी आदि कुछ बोलियों में ओकारांत हो जाते हैं; जैसे – एक […]

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संप्रेषणीयता

January 25, 2017 drhcpathak 0

देश के बहुभाषाभाषी तथा विविध स्तरों के दर्शकों के लिए बनने वाले हिन्दी धारावाहिकों की भाषा में अधिकतम संप्रेषणीयता को ध्यान में रखते हुए तत्सम […]

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