मेरे बारे में :

drhcpathak

डॉ0 हरिश्चन्द्र पाठक 1. शिक्षा : एम.ए. – हिन्दी (1967) , डी.फिल्.- भाषाविज्ञान (इलाहाबाद विश्वविद्यालय) 2. अध्यापन : तीस वर्ष – राजकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय – उत्तरकाशी /ॠषिकेश /लोहाघाट /पिथौरागढ़ /हल्द्वानी (उत्तराखण्ड) 3. प्रशासन : तीन वर्ष – प्राचार्य – राजकीय महाविद्यालय, देवप्रयाग; टिहरी गढ़वाल – उत्तराखण्ड 4. साहित्य सृजन : गीत, गज़ल, कविता, कहानी, लेख आदि लगभग तीन सौ रचनाएं हिंदी पत्र पत्रिकाओं में प्रकाशित/आकाशवाणी से प्रसारित 5. पुस्तक लेखन : क – हिन्दी भाषा : इतिहास और संरचना / ख – हिन्दी भाषा : व्याकरण एवं निबन्ध / ग – ‘आदमी और पेड़’ – (गज़ल संग्रह) घ – ‘जुबां पे छलका दर्द’ – (गज़ल संग्रह) 6. लघुशोध : कुमाउनी तथा मनिहारी बोली का अध्ययन (विश्वविद्यालय अनुदान आयोग) 7. शोध पत्र : दस – विभिन्न राष्ट्रीय संगोष्ठी 8. शोध निर्देशन : पांच – कुमाऊं विश्वविद्यालय, नैनीताल 9. सीनियर फैलोशिप : कुमाऊं के लोकगीत (2007-2009) संस्कृति मंत्रालय, भारत सरकार 10. पता : डा0 हरिश्चन्द्र पाठक , सेवानिवृत्त प्राचार्य, मधुधाम, प्रेमनगर, लोहाघाट-262524 (उत्तराखण्ड)

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